वज्रासन करने के 9 लाभ!

 

vajrasana steps benefits and precautions in hindi

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vajrasana kaise kare

  • अपने दोनों पावों की एडियों को मोड़ो तथा घुटनों और पंजो के बल बैठ जाओ .
  • फिर दोनों हाथों को घुटनों अथवा जांघो पर रखो.और अपनी छाती तथा अपने गले को सीधा रखो.
vajrasana ke fayde
vajrasana correct position

vajrasana ke fayde

  • वज्रासन प्रतिदिन करने से,शरीर वज्त्र के सामान  हों जाता हैं.इससे जांघो,घुटनों ,पिंडलियों एव पंजो में पुष्ठता आती है.इसके नियमित अभ्यास से पांवो का बे ढंगापन में सुधार आ जाता हैं.
  • यह आसन शरीर को बलवान बनाता हैं.
  • यह एक मात्र आसन हैं.जो भोजन करने के पश्चात् पाचन क्रिया को अच्छा बनाने के लिए किया जाता हैं.यह पाचन शक्ति को बढाता हैं.और खाया हुआ भोजन पचाता हैं.
  • यह आसन ध्यान को एकाग्र करने में सहायक हैं .
  • इस आसन द्वारा अतिसार ,पीठ दर्द तथा छाती के रोग दूर होते हैं.
  • यह आसन मानसिक निराशा  तथा स्मरण शक्ति की परेशानियों को दूर करता हैं.
  • यदि महिलायें इस आसन को  करे.तो उनके मासिक धर्म सम्भ्न्धी दोष दूर हों जाते हैं.

vajrasana precautions in hindi

1.जोड़ो के दर्द से पीड़ित व्यक्ति को इस आसन को नहीं करना चाहिए.

2. जिन लोगों में कोई रीढ़ की हड्डी की बीमारियां हैं अथवा विशेष रूप से निम्न कशेरुकाओं पर इस मुद्रा का प्रयास नहीं करना चाहिए.

3.जिन लोगो को हर्निया, आंतों के अल्सर और छोटे और बड़े आंतों के अन्य रोगों हैं.उन्हें ये आसन विशेषज्ञ के मार्गदर्शन और सलाह के तहत अभ्यास करना चाहिए।

vajrasana in pregnancy

गर्भवती महिला गर्भावस्था के 3 माह से लेकर 6 माह तक वज्रासना कर सकती हैं.क्युकी यह पाचन के लिए अच्छा होता है.इसलिए भोजन के बाद सीधे अभ्यास हो सकता है.यह hyperacidity के कारणों को ख़त्म करता हैं. और श्रोणि की मांसपेशियों को मजबूत कर सकता है.

 

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