यूरिन इन्फेक्शन की जलन होगी पलभर में ख़त्म ,लेकिन साथ में बर्ते कुछ सावधानी (Urinary Tract Infection In Hindi)

 Urinary Tract Infection In Hindi

Urinary Tract Infection In Hindi :

मूत्र पथ संक्रमण (Urinary Tract Infection in hindi) यूरिन इन्फेक्शन एक सामान्य स्थिति है जो उत्पन्न होती है. जब बैक्टीरिया की वजह से संक्रमण होता है. संक्रमण आम तौर पर मूत्रमार्ग में शुरू होता है. और फिर मूत्राशय और मूत्र पथ के अन्य भागों तक यात्रा करता है।

पेशाब के दौरान एक जलती हुई भावना होती है. और पेशाब की वृद्धि हुई आवृत्ति होती है। महिलाओं की स्थिति अधिक आम है, क्योंकि मूत्रमार्ग छोटा होता है (अधिक आसानी से संक्रमित हो जाता है) और गुदा के पास (दूषित स्रोत)।

मधुमेह, आंत्र नसबंदी, गुर्दा की पथरी, गतिहीनता, तरल पदार्थों का सेवन कम करने और गर्भावस्था जैसी परिस्थितियां भी मूत्र पथ के संक्रमण में योगदान कर सकती हैं।

Urinary Tract Infection

Urinary Tract Infection Causes In Hindi :

खट्टे, नमकीन, कड़वा, तेल, मसालेदार, और तली हुई खाद्य पदार्थों और चाय, कॉफी और मादक पेय पदार्थों में सेवन से शरीर में पिटा (अग्नि) बढ़ जाती है, जो यूटीआई या यूरिन इन्फेक्शन की स्थिति की ओर जाता है। सूरज या गर्म मौसम में काम करना और अत्यधिक शारीरिक परिश्रम की स्थिति बढ़ जाना भी एक कारण है।

Urinary Tract Infection Symptoms In Hindi :

बुखार
मूत्रमार्ग पर सनसनी जलन
दर्द
बेचैनी
पेशाब को पार करते समय सनसनी
मूत्र में मवाद या रक्त की उपस्थिति

Urinary Tract Infection Women In Hindi :

महिलाओं में भी मूत्र मार्ग संक्रमण Urinary Tract Infection in hindi के कारण कुछ एक जैसे ही होते है जैसे बार पेशाब का आना ,या रुक रुक कर पेशाब का आना ,पेशाब लगने पर भी पेशाब को रोक कर रखना ,जिसके कारण मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया पनपने लगते है और यह मूत्र मार्ग इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण बनते है जैसे जैसे बक्टिरियास की संख्या बढती जाती है वैसे ही इन्फेक्शन की परेशानियाँ भी बढती जाती है

जबकि पुरुषों के अपेछा महिलाओं में मूत्र मार्ग संक्रमण  Urinary Tract Infection In Hindi का अधिक खतरा रहता है महिलाओं कलो सम्भोग करने के बाद पेशाब जरुर करना चाहिए जिससे मूत्र मार्ग में उपस्थित बक्टिरियास बाहर निकल जाते है और अपने गुप्तांग को अच्छी तरह से साफ़ करना चाहिए जिसे इन्फेक्शन फैलने का खतरा नही रहता है

Urinary Tract Infection

Uti Symptoms Women In Hindi :

महिलाओं में मूत्रमार्ग के इन्फेक्शन  Urinary Tract Infection In Hindi होने के पहले कई लक्षण दिखाई देते है यदि इन लक्षणों को पहचान लिया जाये तो इस बड़ी समस्या से बचा जासकता है तो आइये जानते है इन लक्षणों के बारे में

इन्फेक्शन के शुरुआत में पेशाब करते बक्त जलन मचाना ,गुप्तांगों में खुजली होना ,बार बार पेशाब का आना या रूक रूक कर पेशाब का आना ,या पेशाब करते समय दर्द का महसूस होना इस के अलावा जब इन्फेक्शन के बक्टिरियास बड जाते है तो यह बीमारी काफी असहनीय होने लगती है और काफी परेशानियों का सामना करने पड़ता है इन्फेक्शन बदने के साथ साथ लक्षणों का बढ़ना भी एक आम बात है उस समय में दिखने वाले लक्षण जैसे पीले रंग की पेशाब के साथ बदबू का आना ,ज्यादा इन्फेक्शन की दशा में मूत्र मार्ग से खून का आना ,अधिक सर्दी या कंपकपाहट के साथ बुखार का आना ,शरीर में कमजोरी या थकान रहना मूत्र मार्ग में इन्फेक्शन को संकेत करते है

Uti Treatment For Women In Hindi :

महिलाएं इस इन्फेक्शन से बचने के लिए कुछ घरेलु सावधानियां बरतने पर इस होने वाली घातक बीमारी से बच सकती है जैसे की कभी भी आई हुई पेशाब को न रोंके , अधिक से अधिक पानी का सेवन करें, सम्भोग करने के बाद हमेशा पेशाब करें और आपने गुप्तांग को अछि तरह से साफ़ करे, पब्लिक कमोड का प्रयोग न करें यदि करना है तो उसका फ्लश कमसे कम 2 मिनट के लिए खुला छोड़ दें ताकि वह सही से साफ़ हो जाये उसके बाद ही उसे करें ,रोजाना अछि साफ़ सफाई के साथ नह्यें और अंडरवेयर हमेशा कोटन का ही इस्तेमाल करे यह आपको होने वाले इन्फेक्शन से बचने में काफी मद्दत करता है

Urinary Tract Infection

Urinary Tract Infection Home Remedies :

आयुर्वेद के अनुसार, मूत्र पथ के संक्रमण यायूरिन इन्फेक्शन, पिटा दोषा के उत्तेजना के कारण होता है। पिटा एक आयुर्वेदिक हास्य है जो गर्मी या आग का प्रतीक है इसलिए, एक आहार और जीवनशैली जिससे पिटा को यूटीआई का कारण बनता है।  Urinary Tract Infection In Hindi संक्रमित पिटा शरीर में विषम पदार्थ पैदा करता है।

ये ताप विषैले उत्परिवोही स्ट्रॉटा (मूत्र चैनल) में जमा हो जाते हैं और मूत्र प्रणाली के संक्रमण से लड़ने वाले गुणों में असंतुलन पैदा करते हैं। इससे प्रणाली में बैक्टीरिया की वृद्धि हो सकती है, यूटीआई की राशि। कई रासायनिक दवाएं जीवाणुओं पर काम करती हैं, लेकिन ये संक्रमण से लड़ने वाले गुणों और ताप विषाक्त पदार्थों के लिए काम नहीं करते हैं।

इस प्रकार, ऐसे संक्रमण अक्सर पुनरावृत्ति हो सकते हैं आयुर्वेदिक दवा, दूसरी तरफ, मूत्र प्रणाली के संक्रमण से लड़ने वाले गुणों को संतुलित करती है और ताप विषैले को शांत करती है, जिससे रोगी को दीर्घावधि राहत मिलती है।

Urinary Tract Infection

Urinary Tract Infection Cure In Hindi :

  • गर्म, तेल, मसालेदार, खट्टा, नमकीन और कड़वा खाद्य पदार्थों सेवन से बचें।
  • पानी, जूस, नारियल का पानी और अन्य शीतलक पेय के रूप में तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाएं।
  • हरे इलायची, धनिया, लाल चंदन, नद्यपान जड़, आदि जैसे पीटा-शांतिपूर्ण जड़ी-बूटियों का सेवन बढ़ाएं।
  • सूरज में या गर्म वातावरण में काम करने से बचें जैसे भट्टियों और बॉयलरों के निकट।
  • पाउडर लाल चंदन की आधा चम्मच के साथ एक दिन में 2-3 बार ठंडे पानी के स्नान का पानी ले लें।

Natural Treatment For Uti In Hindi :

3 चम्मच पाउडर धनिया बीज और 1 चम्मच पाउडर रॉक कैंडी (या अनफिनिन्टेड शर्करा) एक पोत (अधिमानतः मिट्टी के बर्तन) में रखे.जिसमे 3 कप पानी हों।

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इसे पूरी रात रखें.इसे अच्छी तरह से मिलाएं और दिन में 1 कप तरल 3 बार पिए .ये पथ में पित्त को शांत करने या यूरिन इन्फेक्शन के लिए बहुत अच्छा उपाय है।

Urinary Tract Infection

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