जाने शंखपुष्पी प्लांट के बेनेफिट्स और सिदीफ्फेक्ट्स

shankhpushpi plant benefits and side effects

how to use shankhpushpi plant?

शंखपुष्पी एक जड़ी बूटी वाला पौधा हैं.जो अपने अनेक प्रकार के लाभ के लिए जाना जाता हैं.सबसे ज्यादा ये मस्तिष्क विकास के लिए जाना जाता हैं.इसलिए आज हम शंखपुष्पी के बारे में चर्चा करेंगे!

शंखपुष्पी की पहचान और कहा मिलता हैं ?

ये घास जैसा पौधा वर्षा के दिनों में चट्टाननुमा क्षेत्रों में पाया जाता हैं.कुछ स्थानों पर ये साल के 12 महीनो मिलता हैं.

यह चिरस्थायी पौधा बड़ा होकर,पूरी भूमि और घास पर फैल जाता हैं.इसकी पत्तिया १/२ इंच से लेकर 1 1 /2 tak लम्बी हों sakti हैं.इसकी पत्तियों की नींव चौड़ी होती हैं.और ऊपर से शंकु होती हैं.

इसके फूल सफ़ेद या पिंक रंग के होते हैं. और सौंफ की तरह गोल होते हैं.इसके फल भूरे रंग के होते हैं.और छोटे चमकदार होते हैं.एक विकसित पौधा बैंगनी रंग का होता हैं.जिस पर बाल होते हैं.

शंखपुष्पी के महत्वपूर्ण भाग

फूल,फल,बीज और जड़ समेत पूरा पौधा महत्वपूर्ण हैं.

shankhpushpi benefits and side effects

आज हम आपको बताएँगे शंखपुष्पी के शरीर के क्या फायदे और क्या नुकसान हो सकते है. लेकिन पहले जानते है shankhpushpi ke fayde hindi me.

Shankhpushpi Benefits for body :

Shankhpushpi Benefits for Memory Loss in Hindi

3 से 6 ग्राम शंखपुष्पी का पाउडर,चीनी और दूध के साथ प्रातकाल लेने से समरण शक्ति बढ़ती हैं .
2 से 4 ग्राम शंखपुष्पी का पाउडर, बच्चो को देने से. वे बुद्धिमान,तेज और उज्ज्वल बनते हैं.
3 से 6 ग्राम शंखपुष्पी का पाउडर शहद और दूध के साथ लेने से बुद्धि का विकास होता हैं .

Shankhpushpi for Autism in Hindi

शंखपुष्पी का निम्नलिखित तत्त्व के साथ मेल आटिज्म से पीड़ित व्यक्ति को लाभ करता हैं.

Ingredients Quantity (Single Dose)
Shankhpushpi powder 250 mg
Brahmi (Bacopa Monnieri) 100 mg
Ashwagandha 100 mg
Mandukaparni (Centella Asiatica) 100 mg
Jatamansi 50 mg
Mukta Pishti 50 mg
Abhrak Bhasma 25 mg

इस संयोजन को मिश्रित अनुपात के साथ  दो बार पानी के साथ दिया जाना चाहिए।

Shankhpushpi ke Labh for Mental Hypersensitivity in Hindi

जो व्यक्ति शोर, चमकदार रोशनी, मजबूत गंध सहन नहीं कर सकते हैं अत्यधिक संवेदनशील व्यक्ति होते है। ऐसी समस्या के मूल कारण नसों की अतिसंवेदनशीलता है।हालांकि, Convolvulus प्लूरिकॉलिस अकेले पूरी तरह से प्रभावी नहीं है,

लेकिन आयुर्वेदिक पाउडर के साथ शंखपुष्पी का निम्नलिखित संयोजन इस तरह के इलाज के लक्षण के लिए प्रभावी है।

Ayurvedic Remedy Dosage
Shankhpushpi Powder (Convolvulus Pluricaulis) 250 mg
Mukta Pishti 125 mg
Abhrak Bhasma 125 mg
Praval Pishti 125 mg
Raupya (Rajat/Silver) bhasma 50 mg

 

shankhpushpi benefits for hair

यह बच्चों के लिए बालों के तेल के स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता।

इसके अलावा यह Shirodhara, Shirobasti, आदि जैसे आयुर्वेदिक उपचार प्रक्रियाओं में प्रयोग किया जाता है

यह शरीर पर सभी जगह लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता।

Shankhpushpi for ADHD in Hindi  (Attention Deficit Hyperactivity Disorder)

Convolvulus Pluricaulis  में शंखपुष्पी चिड़चिड़ापन और लालसा मन को कम करने के गुण होते  है।

एडीएचडी के लिए प्रभावी उपाय इस प्रकार है।

Ayurvedic Remedy Dosage
Shankhpushpi Powder (Convolvulus Pluricaulis) 250 mg
Gotu kola (Centella Asiatica) 500 mg
Mukta Pishti (or Moti Bhasma) 125 mg
Abhrak Bhasma 30 mg

 

अगर एडीएचडी के साथ बच्चे में चिड़चिड़ा और आक्रामक महसूस हों और गर्मी सनसनी, अत्यधिक पसीना, बेचैनी और मिजाज है तथा आसानी से नाराज हो जाता है, फिर उसके लिए नीचे वाले  उपचार उपयोगी है।

Ayurvedic Remedies Dosage
Mukta Pishti 250 mg *
Praval Pishti 250 mg *
Giloy Sat 250 mg *
Shankhpushpi 250 mg *
Yashtimadhu 500 mg *

दिन में दो बार पानी, दूध या शहद के साथ.

इस मिश्रण के साथ-साथ, (गोल्ड)  Saraswatarishta दिन में दो बार  2 मिलीलीटर की  मात्रा में लिया  जाना चाहिए।

इस इलाज के साथ, बहुत सकारात्मक परिणाम मरीजों के 3 महीने के भीतर आये हैं ।

Shankhpushpi Dosage in Hindi

Shankhpushpi सिरप की  खुराक इस प्रकार है।

Infants (Up To 1 Year) NOT RECOMMENDED
Children 10 ml *
Adults 20 ml *
Pregnancy NOT RECOMMENDED
Geriatric (Old age) 10 ml *
Maximum Possible Dosage 40 ml per day in divided doses

दिन में दो बार पानी की एक कप में मिश्रण बना कर ले.और खाने के बाद लेगे तो जादा सही हैं.

Shankhpushpi ke Nuksan in Hindi

शंखपुष्पी के कोई भी side effects नहीं हैं.अगर इसे किसी चिकित्स क की देख-रेख में लिया जाये तो.

how to make shankhpushpi powder?

shankhpushpi को पहले पानी से साफ़ करले.
फिर इसे एक बर्तन में डालकर उबाल ले.
जब ये ठंडा हों जाए.
तो इसे मिक्सर या कुण्डी से अच्छे से पीस कर शंखपुष्पी का पाउडर बना ले.
अंत: में इसे किसी एयर टाइट डबे में डालकर रख ले.

चेतावनी: उपरोक्त लिखित सुझाव केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखित हैं। किसी भी प्रकार के व्यावहारिक प्रयोजन के लिए नहीं हैं.यदि आप उपरोक्त लिखित सुझाव का पालन करना चाहते हैं तो किसी योग्य चिकित्स्क की देख-रेख में ले. myhealtyindia .com किसी कारण या दुर्घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगी!