जान ये कुछ ईसबगोल खाने के फायदे ,जो आपने पहले नहीं जाने होंगे.

Isabgol benefits in hindi

प्रकर्ति ने मानव जाती के स्वास्थ्य के लिए अनेक औषधिया दी हैं.समय ,देश के अनुसार रोगों के उपचार हेतु विभिन्न औषधिया पौधे हमारे आस-पास ही उपलब्ध हैं.इन्हें पहचान कर आवश्यकता अनुसार प्रयोग कर हम नौसर्गिक स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं.

इसबगोल एक साधारण एवं परिचित पौधा हैं.यह मूलतः एशिया में पाया जाता हैं.भारत में गुजरात,पंजाब,हरियाणा में इसकी खेती की जाती हैं.

ओक्टुबर -दिसम्बर में इसके बिज बोए जाते हैं और लगभग 4 महीने में इसकी फसल तैयार हों जाती हैं.मुख्यतः बीज या बीज की भूसी (छीलका ) प्रयोग होता हैं.

latin name of isabgol- plantago orata

फैमिली Plantaginaceae

isabgol meaning in sanskrit- अश्वगोल

isabgol meaning in hindi- इसबगोल

isabgol meaning in gujarati- उथमुंजीरू

isabgol meaning in marathi -इसबगोल

isabgol meaning in kannada- इसपगोल

isabgol meaning in english- spoget seeds

plantago शब्द का अर्थ पादतल होता हैं! इसबगोल की पत्तिया पादतल की तरह होने से इसका नाम रखा गया हैं.इसबगोल पारसी के अस्प्गोल शब्द से बना हैं.फारसी में अस्प का अर्थ (अश्व) घोडा होता हैं.इसके बीजो की आक्रति घोड़े के कान के समान होने से इसे अस्प्गोल कहा जाता हैं.

isabgol plant medicinal uses and its properties

यह 1- 3 फुट ऊँचा ,तनारहित झाड़ीनुमा पौधा होता हैं.इसके पत्ते लम्बे ,शिरोओ से युक्त होते हैं.फूल लम्बे बेलनाकार दंड पर छोटे-छोटे लगते हैं.

फुल अंडाकार और आगे से गोल होते हैं.बीजघोड़े के कान के सामान,कुछ मोटे ,नोकदार होते हैं.फल मंजीर जब लाल हों जाती हैं तब उन्हें काट कर अलग कर लिया जाता हैं.बीजो को पिसा नहीं जाता हैं.

health benefits of isabgol husk

सिरदर्द – इसका लेप करने से सर दर्द ठीक होता हैं.

अतिसार(दस्त) -इसबगोल की भूसी को गाय के घी से भुन कर खाने से दस्त ठीक होते हैं.

इसबगोल के छिलके को बादाम रोगन में भुन कर खाने से भी दस्त ठीक होते हैं.

isabgol ke fayde दांत दर्द  में – इसबगोल को सिरके में भिगोकर दांत में लगाने से दांत दर्द ठीक होता हैं.

isabgol ke fayde नकसीर में  – इसबगोल के बीजो को पीसकर माथे पर लगाने से नाक से बहने वाला रक्त (नकसीर ) ठीक होती हैं.

isabgol ke fayde फटे होंठ में  – इसबगोल के घोल में कबीला मिलाकर होठों पर लगाने से फटे होठ ठीक होते हैं.

isabgol ke fayde मुह के  छाले में – अगर मुंह में छाले हों तो इसबगोल को पानी में भिगोकर मुंह में भरकर रोंके,इससे छाले ठीक हों जाते हैं.

बवासीर -इसबगोल को पानी में घोल कर गुडहल का शरबत मिलकर पिलाने से खुनी बवासीर ठीक होते हैं.

isabgol ke fayde मूत्र रोग में – जब मूत्र खुलकर न आ रहा हों तो इसबगोल के छिलके को पानी में घोलकर कुछ मिश्री मिलाकर पिने से मूत्र आने लगता हैं.अगर तकलीफ अधिक हों तो इसी में शीतल मिर्च 2- 3 ग्राम और कलमी 500 मिली ग्राम मिलाया जा सकता हैं.

isabgol ke fayde दमा श्वास में – दमे के रोगी को इसबगोल का छिलका लगातर लगभग  6 महीने तक प्रतिदिन सेवन करना चिहिए.इससे श्वास में काफी आराम मिलता हैं.

                                                   क्या आप जानते हैं अस्थमा क्यों और कैसे होता हैं ? अगर नहीं तो आज के वातावरण में    तो और भी जरुरी हों गया हैं इसके बारे में जानना!

Isabgol ki bhusi for constipation

isabgol ke fayde कब्ज में  -रात्री में सोने से पहले 2-4 चमच इसबगोल का छिलका गर्म दूध से लेने से कब्ज ठीक होती हैं और मॉल सुखपूर्वक निकलता हैं.

कब्ज निवारण हेतु इसबगोल के छिलके के साथ निशोथ या त्रिफला भी लिया जा सकता हैं.

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इसी प्रकार इसबगोल को बादाम रोगन या एरण्डी के तेल के साथ लेने से कब्ज ठीक हों जाती हैं.

isabgol ke fayde पेचिस और दस्त में – इसबगोल को पानी में गोलकर पिने से आराम मिलता हैं .

2 चमच इसबगोल के छिलके के साथ 1 चमच इन्द्र्यव चूर्ण मिलाकर खाने से पेचिस ठीक होता हैं.

isabgol ke fayde स्वप्न दोष में  – रात्री में इसबगोल की 2 चम्मच दूध में मिलाकर लेने से स्वप्न दोष से राहत मिलती हैं.

विशेष -इसबगोल के पौधे उपयोगता के साथ -साथ देखने में भी सुन्दर लगते हैं.इसलिए इन्हें गमलो में भी उगाया जा सकता हैं.

 

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