लू लगने से पहले पालन करे इन सुझावों का !

गर्मी के मोसम में हवा के गर्म थपेड़े और बड़े हुए तापमान से शरीर में पानी और नमक की ज्यादा कमी होने पर लू लगने की आशंका होती हैं.धुप में घुमने वालो ,बच्चो,बुढो और बिमारो को लू लगने का दर ज्यादा होता हैं.

loo lagne se pehle बचाव है बेहतर 

विशेषज्ञों का मानना हैं की लू के इलाज से बेहतर हैं बचाव! बचाव इस तरह कर सकते हैं:

  • प्रातः उठते ही शोच जाने से पहले ताजा गुनगुना जल पेट भर कर पिए.
  • तेज गर्म हवाओ में बाहर जाने से बचे.नंगे बदन और नंगे पैर धुप में न निकले.तथा धुप से बचने के लिए छाते का उपयोग करे.
  • इसके अलावा सिर पर सादा या गिला कपडा रख कर चले.
  • चश्मा पहनकर बहार जाए और चेहरे को कपडे से ढक ले.
  • घर से बहार पूरे और ढीले कपडे पहनकर निकले,ताकि उनमे हवा लगती रहे.जयादा टाइट और गहरे रंग के कपडे न पहने.तथा सूती कपडे पहने.
  • सिंथेटिक,नॉयलोन और पोलिएस्टर के कपडे न पहने.
  • खाली पेट बहार न जाए और जयादा देर भूखे रहने से बचे.घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पि कर निकले,जैसे आम पना,शिंकजी ,खस का शर्बत आदि.साथ में पानी भी लेकर जाए.
  • बहुत ज्यादा पसीना आया हों तो फ़ौरन ठंडा पानी न पिए.गुनगुना पानी भी धीरे-धीरे करके पिए.
  • रोजाना नहाए और शरीर को ठंडा रखे.
  • घर को भी ठंडा रखने को कोशिश करे.
  • खस के पर्दे,कूलर आदि का इस्तेमाल करे.
  • शीतली प्राणायाम का अभ्यास लू से बचा सकता हैं.

kya hota hain loo lagne par ?

  • लू लगने पर शरीर में गर्मी,खुश्की,सिरदर्द ,कमजोरी ,शरीर टूटना ,बार-बार मुह सुखना,उलटी चकर ,तेज बुखार ,साँस लेने में तकलीफ,दस्त और कई बार निढाल या बेहोशी जैसे लक्षण नजर आते हैं.लू लगने पर पसीना नहीं आता.
  • शरीर में गर्मी ,खुस्की  और थकावट महसूस होती हैं.शरीर का तापमान एकदम बढ़ जाता हैं.
  • शरीर का ब्लड प्रेशर भी कम हों सकता हैं.और लीवर-किडनी में सोडियम -पोटासियम का संतुलन बिगड़ जाता हैं.
  • ऐसी में बेहोशी भी आ सकती हैं.

kya kare loo lagne par?

  • अगर तापमान 104 डिग्री से जादा हैं तो रेक्टल (गुदा से )  तापमान ले.इसके लिए अलग थर्मोमीटर आते हैं.इससे शरीर के अंदरूनी तापमान का सही आंकलन हों पाता हैं .
  • लू लगने पर अक्सर बहार के तापमान से जादा होता हैं.अंदरूनी तापमान .
  • इतने तेज भुखार में paracetamol( क्रोसिन,कालपोलआदि )   टेबलेट्स असरदार नहीं होती.
  • सबसे पहले शरीर का तापमान कम करना जरुरी हैं.मरीज को बहते पानी के नीचे बिठा दे या उसके पुरे शरीर पर बर्फ के पानी की पट्टीया रखे.
  • आसपास का माहोल ठंडा रखे.पंखा ,कूलर  और A.C जो भी हों चला दे.
  • शरीर को sponge करे.जब तक तापमान कम न हों जाये.
  • लगातार तरल और ठंडी चीजे दे.जैसे की निम्बू पानी ,नारियल पानी,सतु का घोल ,बेल का शरबत ,आम पना,राइ का पानी आदि.
  • शरीर में पानी की कमी न होने दे. और ठंडी चीजे खिलाकर अंदरूनी तापमान को कम करे.
  • प्याज का रस या प्याज की चटनी का उपयोग गर्मियों में खूब करे. यह लू से बचाता हैं .
  • पेरो पर गीली मिटटी लगाने से लू का असर कम होंता हैं.
  • हाथ -पेरो की हलके हाथ से मालिश करे.तेल न लगाए तथा गुलाब जल में रुई भिगोकर आँखों पर रखे.
  • फिर भी मरीज को आराम न आए.तो चिकित्सक के पास जाने में देरी न करे.

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